भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से एक मुख्य अवतार वराह रूप भी है जब हिरण्याक्ष राक्षस ने धरती को अंतरिक्ष में गहरे सागर में छिपा दिया था तब महर्षि भागीरथ की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण करके वराह अवतार धारण किया जिसमें उन्होंने हिरण्याक्ष राक्षस का वध करने के पश्चात धरती को वापस उसके स्थान पर ला दिया।

वराह पुराण मैं भगवान वराह के रूप शक्ति गुणों आदि का वर्णन किया गया है तथा अन्य देवताओं द्वारा उनकी स्तुति उनका वर्णन किया गया है जिसमें वह प्रभु को धन्यवाद देते हुए उनकी महिमाओं का गुणगान कर रहे हैं यदि आप वराह पुराण पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके उसे डाउनलोड कर सकते हैं।

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